Thursday, 7 March 2019

देश भक्ति





  देश भक्ति , यह वो हार्मोन है जो हम भारतियों की रगो में आम तौर पर स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस  या भारत पाकिस्तान के मैच वाले दिन खून बन कर दौड़ता है। परन्तु पिछले कुछ दिनों से हम लोगो में ये पुरे ऊफान पर है।  भावनाओ का ज्वर मचल रहा है , कुछ कर गुजरने के लिए बेताबी बढ़ रही है। अपनी इसी बेताबी को शांत करने के लिए कई लोग ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब का सहारा ले रहे है तो सोचा क्यों न मैं  भी अपने भीतर की बौद्धिक गैस का पाद सोशल मीडिया पर छोड़ दूँ।

जी सही पकडे है, The keyword here is "बौद्धिक पाद". आजकल हर कोई सोशल मीडिया पर पाद के चला जाता है।  इसके बारे में अगली पोस्ट ( पोस्ट को पाद पढ़ सकते है ) में विस्तार से बताऊंगा।  

हाँ तो हम बात कर रहे थे देश भक्ति की तो क्या है ये देश भक्ति ? आने वाली पीढ़ी को क्या परिभाषा देना चाहेंगे आप देशभक्ति की ? सोचिये जरा, क्या वाघा बॉर्डर पर जवानो का जोश और IND-PAK क्रिकेट मैच में खिलाडियों का जोश देख कर ही देशभक्ति जागती है ? हमारी देशभक्ति का इंडेक्स पाकिस्तान की करतूतों से ही प्रभावित होता है ऐसा क्यों। वो तो टेढ़ी दुम है कुत्ते की जिसको सीधी करने का काम हमारी सेना और सरकार का है और वो कर भी रहे है। सवाल यह है की आप और हम क्या गुणात्मक योगदान कर रहे है देश के सरोकारों, देश के हितो के लिए ?

में बताता हूँ क्या कर रहे है। कुछ लोग सरकार से "Selective" सवाल पूछ रहे है,  कुछ लोग सवाल पूछने वालो को पेल रहे है, कुछ लोग सरकार पर संदेह करते करते सेना पर संदेह कर रहे है, कुछ लोग न्यूट्रल दिखने की लालसा में सबको गालिया दे रहे है। यही देशप्रेम अगर आने वाली पीढ़ी को Pass-on हो गया तो सोचिये सिर्फ द्रोह और प्रेम बचेगा, देश का न जाने क्या होगा।

अगर सही मायने में देशभक्ति और देशप्रेम को प्रचारित करना है तो देश की हर अच्छी बुरी चीज से प्यार करना सिखाओ, अच्छी बातों की प्रशंसा करो और बुरी बातो को ठीक करने का मशविरा दो।

मेरी नज़र में देशप्रेम और देशभक्ति के और भी मायने है जो निचे लिख रहा हूँ और यकीन मानिये मैं थोड़ी बहुत कोशिश भी करता हूँ इन सब बातो पर अडिग रहने की।
मेरी नज़र में
ईमानदारी से टैक्स अदा करना देशप्रेम है।
सडको, बाज़ारो  और सामूहिक जगहों को स्वच्छ रखना देशप्रेम है।
पब्लिक प्रॉपर्टी जैसे ट्रैन, बस, बाग़ बगीचे उद्यान और इमारतों को हानि पहुंचने से बचाना देशप्रेम है।
सड़क सुरक्षा के लिए ट्रैफिक नियमो का पालन करना देशप्रेम है।
देश की सीमा और सीमा के भीतर सुरक्षा करने वाले सिपाहियों के लिए सम्मान का भाव रखना देशप्रेम है।
देश के दूसरे नागरिको के धार्मिक विचारो और क्षेत्रीय भाषाओ का सम्मान करना भी देशप्रेम है।
अपने बच्चो और आने वाली पीढ़ियों को देश के सही इतिहास और देश की संस्कृति से परिचित करवाना देशप्रेम है।
बिजली, जल, पेट्रोल की बचत करना और इसके लिए लोगो को जाग्रत करना भी देशप्रेम है।
पर्यावरण की रक्षा के लिए जो हो सके वो करना भी देशप्रेम है।
और सबसे बड़ी बात आप जो भी काम करते है उसमे पूरी ईमानदारी से अपना १००% योगदान देना भी देशप्रेम है।
और भी कुछ आप जोड़ सकते है तो कृपया जोड़िये और इस कड़ी को आगे बढाईये।


























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